अच्छा हुआ तू बदल गयी

हालात क्या बदले यहाँ सब अपने बदल गए…. साथ जिनके जीने के सपने देखे थे … वो सब सपने बदल…

मैं अकेला रह गया….

कलम से दिल की आवाज लिखता हूँ…. दर्द और जुदाई  का ब्यान लिखता हूँ… जरूरी तो नहीं जीने के लिए…

किसी रोज…

दर्द क्या होता है तुम्हे बताएंगे किसी रोज…. अपने दर्द की कहानी तुमको सुनाएंगे किसी रोज… थी उसकी ज़िद की…

वो इंसान…

​बना गुलाब तो कांटे चुभा गया वो इंसान… जलाया चिराग तो घर ही जला गया वो इंसान… तम्माम रंग मेरे…

क्यों नहीं होते…

​बातो से भी ये गम कम क्यों नहीं होते.. आंसूओ से दिल के कोने नम क्यों नहीं होते… थी बहुत…

मत आना….

अब अगर आओ तो जान ने के लिए मत आना… सिर्फ एहसास जताने के लिए मत आना… मेने पलकों पर…

आदत नहीं…

​सर झुकाने की आदत नहीं है… आंसु बहाने की आदत नहीं है.. हम खो गए तो पचतयोगे बहुत.. हमारी लौट…

कुछ नहीं मिलता…

किसी की आँखों से सपने चुरा कर कुछ नहीं मिलता…  मंदिरो से चिरागो को बुझा कर कुछ नहीं मिलता… कोई…

अधूरी कहानी…

​सब से छुपा कर दर्द जो वो मुस्कुरा दिया हमने… उसकी हंसी ने तो आज मुझे रुला दिया… मेरे दिल…

इतनी सी दुआ…

मुझे ये ज़िद नहीं ज़िन्दगी भर तुम मेरे साथ हो जाओ.. अकेले छोड़ देना मुझे जहा तुम मेरे प्यार से…