आदत…

कैसे कहूँ वो लौट आये … की फुर्सत उसे नहीं…. दुनिया समझ रही है प्यार… पर महोबत उसे नहीं… लगता…

वो सच्चा इंसान है…

​मुश्किलो को जो ना कर पाता आसान है… वो सच्ची मैं नादान है…. मुश्किलो से घबरा कर जो हिम्मत हार…

प्यार सब जानता है…

​जो भी इस दिल पर गुजरती है मेरा प्यार सब जानता है… कोई माने या ना माने मेरा प्यार सब…

प्यार का एहसास…

काश उस खुदा ने मुझे एक प्यार का एहसास बनाया होता…. उसे भी प्यार में दर्द का एहसास महसूस करवाया…

नादान दिल….

​ऐसे तो शिकायत खुद से रोज किया करते है… किसी का दिल दुखाने से खुद को रोक लिया करते है…

रिश्ता…

जिस तरह से डूबते हुए सूरज की रौशनी कर जाती है कायल मुझे… उस तरह से तेरे साथ बिताया हुआ…

उम्मीद…

मेरे सपनो मैं तस्वीर तेरी तो पहले भी थी… आज रूबरू हो गयी हो मुझसे क्योंकि मेरी तकदीर मैं थी……

ख्वाइशें…

​होंठो पर आती है ख्वाइशें बन कर तमाम मेरी… ज़िन्दगी प्यार के दर्द से काश महफूज़ हो जाती मेरी… खुद…

तेरे प्यार मैं…

​तेरे आने से कुछ लम्हो का प्यार मिला …. तूने भी चाहा हमको तब जाकर थोड़ा करार मिला… तेरे जाने…

मतलब तुम्हें क्या…

सारे प्यार के लम्हो को भुला सकता हूँ… मतलब तुम्हे क्या…. मैं तुमसे दूर भी जा सकता हूँ… मतलब तुम्हे…